मंगलवार, 19 दिसंबर 2017

उत्तर मेरूर



यह स्थल तमिलनाडु में था| यहाँ से चोल शासक परान्तक प्रथम का एक अभिलेख मिला है जो वहाँ के स्थानीय स्वायत्त शासन का पर प्रकाश डालती है| यह शिलालेख मन्दिर की दीवार पर खुदा है| प्रशासन में स्थानीय लोगों की भागीदारी व निर्वाचन की व्यवस्था थी| शासन समितियों को वरियम कहा जाता था| बलंगाई एवं इदंगाई किए रूप में सामाजिक विभाजन की जानकारी मेरूर के शिलालेख से मिलती है| 



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