बुधवार, 14 अप्रैल 2021

प्रेम

रूपा मुझको ताक रही थी,
प्रेम मुझे सोना से था।
अच्छे दिन आने का वादा,
सच में कोरोना से था।

10 टिप्‍पणियां:

  1. वाह! भाई विमल जी, खूब लिखा आपने 😄😄😄😄

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  2. बढ़िया, और समसामयिक कृति ।

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  3. बहुत खूब !! सुन्दर सृजन।

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