रविवार, 8 सितंबर 2019

चाँद रहेगा

कुछ दिन चाँद रहेगा प्यारे, कवियों की कविताओं में।
एक राष्ट्रनायक का चमचम, कुंजों और लताओं में।
हार-जीत के चर्चे होंगे, टीवी या अखबारों में।
चाहें खुशियाँ चाहें गम हों, रौनक होगी बारों में।
अपने-अपने ढंग से सारे, लगे हुए हैं वाचन में,
लेकिन तय है अपना जलवा, कायम रहा सितारों में।
शंका हो क्या आर्यभट्ट वाराहमिहिर श्रीधर में,
आओ चलकर पूँछे हमसब, चौबिस अवतारों में।



कृपया पोस्ट पर कमेन्ट करके अवश्य प्रोत्साहित करें|

शनिवार, 7 सितंबर 2019

हमसे तुम मिल लिए, तुमसे हम मिल लिए


प्रीति का व्याकरण बाँचने के लिए।
हमसे तुम मिल लिये, तुमसे हम मिल लिये।।
दीप तुमने छुए, वे सभी जल गए।
रोप तुमने दिए, पुष्प सब खिल गए।
तुमने देखा जिन्हें, वे भँवर मिट गए।
बन्ध तन-मन के सब, एक क्षण खुल गए।
दस दिशायें जपें, प्रेम की रागिनी,
राग-अन्तःकरण, जाँचने के लिए।
हमसे तुम मिल लिये, तुमसे हम मिल लिये।।
मेल होना प्रिये, नव सृजन की सुबह।
अन्यथा पन्थ में, बस कलह ही कलह।
प्रेम के सूत्र में, ग्रन्थियों की जगह,
पुष्प जैसे किए, कंटकों से सुलह।
मैं गगन हो गया, तुम सितारा बने,
एक संसार को साधने के लिए।।
हमसे तुम मिल लिए, तुमसे हम मिल लिए।।
वीथिका-वीथिका, गीत-गाये गए,
कथ्य में भावना से नहाये हुए,
मंच पर प्रेम के स्वांग होते रहे,
लोभ लालित्य में जन लुभाये गए।
सब भ्रमों से परे नव-सृजन में रमे,
तम घने में सतत जागने के लिए।।
हमसे तुम मिल लिए, तुमसे हम मिल लिए।।


कृपया पोस्ट पर कमेन्ट करके अवश्य प्रोत्साहित करें|

शनिवार, 29 जून 2019

आग


हमने मेघों से जल माँगा,
सूरज ने बरसाई आग।
दादुर भूल गए टर्राना,
वन उपवन में धाई आग।।

कृपया पोस्ट पर कमेन्ट करके अवश्य प्रोत्साहित करें|

मंगलवार, 4 जून 2019

बुआ-भतीजा

मोदी! तीन तलाक विधेयक कुछ भी काम न आया।
पखवाड़े में बुआ-भतीजे का तलाक करवाया।।
पापा तो पहले ही बहना की गहराई नाप चुके थे।
फिर भी थर्मामीटर लेकर तुम भी पीछे दौड़ पड़े थे।।
दुहराता इतिहास स्वयं को मुझे पता था प्यारे।
लेकिन इतनी जल्दी-जल्दी मति में घुसा हमारे।।

कृपया पोस्ट पर कमेन्ट करके अवश्य प्रोत्साहित करें|

हमारीवाणी

www.hamarivani.com
www.blogvarta.com