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सोमवार, 1 जनवरी 2018
रविवार, 31 दिसंबर 2017
स्वागत
पुराना वर्षअलविदा कह रहा है, नया वर्ष बस कुछ ही घंटे दूर खड़ा है|
ऐसे में दो छोटी छोटी रचनायें अपने ब्लॉग पाठकों के लिये|
[1]
चल पड़ा वो छोड़कर मुझको जवानी की तरह,
बिन रुके बहते हुए दरिया के पानी की तरह||
वो समझ आया नहीं इस बार भी जैसे गणित,
मैं लगाता रह गया अनपढ़ अजानी की तरह||
[2]
अब चलो जो आ रहा उस पर भी डालूँ एक नजर,
बज उठे उम्मीद है इस बार तो दिल का बजर||
हाथ फैलाये खड़ा स्वागत में मैं उसके लिये,
छोड़कर जा ही नहीं सकता है वो मेरी डगर||
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शुक्रवार, 29 दिसंबर 2017
जौनपुर
यह
नगर उत्तर प्रदेश में गोमती नदी के किनारे स्थित है इसकी स्थापना सुल्तान फिरोजशाह
तुगलक ने अपने भाई जूना खां (मुहम्मद बिन तुगलक) की याद में की थी| जब तैमूर ने
हिन्दुस्तान पर आक्रमण किया तब उस समय ख्वाजा जहाँ ने दिल्ली से अपना नाता तोड़कर
स्वतंत्र जौनपुर राज्य की नींव डाली| उसने मलिक-उस-शर्क की उपाधि धारण की| मलिक
सरवर ने यहाँ शर्की वंश की नींव डाली| शर्की वंश का प्रमुख, योग्य व प्रसिद्ध शासक
इब्राहिम शर्की था| उसके काल में जौनपुर ने कला एवं साहित्य के क्षेत्र में बहुत
उन्नति की अतः इसे ‘शिराजे-हिन्द’ कहा गया| इस युग में वास्तुकला की विशिष्ट शैली
विकसित हुई जिसका शानदार नमूना 1408 में बनी ‘अटाला मस्जिद’ व ‘झंझरी मस्जिद’ है|
इसे पूर्व का शिराज भी खा जाता है|
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