मंगलवार, 2 जनवरी 2018

तंजौर

 पूर्व मध्यकाल में चोल साम्राज्य की राजधानी के रूप में विख्यात रहा यह स्थल कावेरी नदी के तट पर ‘मन्दिरों के शहर’ के नाम से भी प्रसिद्ध है| यहाँ चोल शासक राजराज द्वारा बनवाया गया 14 मंजिला व 190 फिट ऊंचा वृहदेश्वर शिवमन्दिर भी है| मन्दिर में विशाल तोरण व मण्डप भी है| आधार से शिखर तक नक्कासी व अलंकृत ढांचों से सुसज्जित है| यह अन्य सहायक मन्दिरों के साथ प्रांगण में स्थित है| इसे राजराजेश्वर मन्दिर के नाम से भी जाना जाता है| अलाउद्दीन के सेनापति मलिक काफूर ने इस पर आक्रमण करके इसे जी भर कर लूटा| यह विजयनगर साम्राज्य का भी अंग रहा| 1674 में इसे मराठों ने अपने अधिकार में ले लिया|



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सोमवार, 1 जनवरी 2018

शीत का शासन

गली में शीत का शासन,
जमाया धुंध ने आसन।
कँपा उर देह कंपित है,
वसन का त्यागना त्रासन।

गुणनखण्ड 4



निम्नलिखित का गुणनखण्ड ज्ञात करो-

a^3-8/a^3-4a+8/a
 




















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गुणनखण्ड



निम्नलिखित का गुणनखण्ड ज्ञात करो-

 x^2+x-(a+1)(a+2)

हल :-


















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