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शनिवार, 3 फ़रवरी 2018

अजमेर



कर्नल टॉड ने इस नगर को राजपूताने की कुंजी कहा| इस नगर की स्थापना 1113 में शाकम्भरी के चौहान शासक अजयदेव के द्वारा की गयी थी| जब मुहम्मद गोरी ने यहाँ आक्रमण किया तब यहाँ चौहानों का शासन समाप्त हो गया| यहाँ ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह है| यहीं पास में ही अजयपाल द्वारा “तारागढ़ का दुर्ग” बनवाया बनवाया गया है| 1102 में यहीं कुतुबुद्दीन ऐबक के द्वारा “अढ़ाई दिन का झोपड़ा” नामक इमारत बनवाई गई| यहाँ जैनियों का रथवाला मन्दिर भी है| 




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शुक्रवार, 8 दिसंबर 2017

सांभर या शाकम्भरी



यह स्थल राजस्थान जयपुर जिले में है| यहाँ से कर्नल टी0 एच0 हैंटले व दयाराम साहनी के नेतृत्व में अलग अलग स्थानों पर हुई खुदाई में बिभिन्न वस्तुएं प्राप्त हुई हैं| जिनमे गुप्तकालीन मृणपात्र, प्रतिहार काल के एक मन्दिर के अवशेष एवं मूर्तियाँ सम्मिलित हैं| यह स्थल प्राचीन बौद्ध धर्म का केंद्र रहा है, यहाँ से एक टोटीदार कलश की प्राप्ति हुई है| कुषाण नरेश हुविष्क का एक तांबे का सिक्का, बन्दर की एक मूर्ति, महिषासुर मर्दिनी एवं शिव के त्रिनेत्र के चित्रण के साक्ष्य भी यहाँ से प्राप्त हुए हैं|

हमारीवाणी

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