अखण्ड श्री लंका
आजकल अपनी अपनी सीमाओं की सुरक्षा और उनके विस्तार को लेकर जिस तरह चीन, नेपाल जैसे देश लफड़ा मचाये हैं तो मुझे श्री लंका पर तरस आता है। मैंने सुना है वहाँ कभी कोई ब्राह्मण राजा हुआ जिसका नाम था रावण। ये नामुराद राजनीतिज्ञों व नस्लवादियों का भला हो कि उसे राक्षस बता दिया। उसने तीनों लोकों पर विजय प्राप्त की सुर असुर गन्धर्व किन्नर यक्ष रक्ष सब उसके आधीन विश्व के सातों महाद्वीप सातों समुन्दर उसकी हुकूमत।कहने का मतलब पूरी दुनिया में एकक्षत्र उसका शासन चारों ओर जय रावण जय रावण जय रावण की गूँज। फिर उसके खिलाफ षड्यंत्र हुआ राम नामक साधारण मनुष्य उसके सामने खड़ा किया और उसके भाई को राजा बनाने का लालच दिया। बस शुरू हो गया अखण्ड श्री लंका को ध्वस्त करने का सपना। श्री लंका को तहस नहस कर तमाम छोटे छोटे देश बने। भारत, चीन, नेपाल, भूटान, पाकिस्तान, जापान, अमेरिका, रूस और अन्य देश ये सब उसी श्री लंका के बच्चे हैं। आज जरूरत इस बात की है कि रावण के अखण्ड श्री लंका के सपने साकार करने में अपना योगदान दें। आओ सभी देशों के एकीकरण के लिए कार्य करें और रावण की आत्मा को तृप्त करें। सबसे पहले छत्तीसगढ़, बस्तर, महाराष्ट्र के दुर्ग उसे सौंपें। फिर सौंपें कैलास। फिर चलें सिंगापुर, मलेशिया, कम्बोडिया, चीन जापान जहाँ रहते थे रावण के नाते रिश्तेदार उन सबका विलय करें। अफ्रीका और अमेरिका 【जहाँ साम्राज्य था रावण के भाई अहिरावण का】का विलय करें। जो मार्ग में अवरोध खड़ा करे उसका समुद्र में विलय करें। बस विलय विलय विलय अन्यथा प्रलय। एक लक्ष्य एक ध्येय, अखण्ड श्री लंका प्रेय। मैं गम्भीर हूँ। अब छोटा देश है तो क्या सब बड़े बड़े फैसला कर लोगे कौन सी जमीन तुम्हारी कौन सी हमारी। सबूत मत माँगना रावण के वंशज जो कह देते हैं प्रमाण होता है। फेसबुक व्हाट्स एप पर सर्वत्र विद्यमान हैं ये नो टेंशन। जय लंका। अब सोना चाहिए।