मंगलवार, 27 मई 2025

भण्डारा

भोजन उसे कराइए, उर से दे आशीष।
भण्डारे में कीजिए, तनिक न पैसा खीस।
तनिक न पैसा खीस, कीजिए फोटू खातिर।
लोग समझने लगे मियां तुम पूरे शातिर।
भण्डारे की आड़ दिख रहा अहं युक्त मन।
जब भूखा मिल जाए करा दो उसको भोजन।।


9 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों के आनन्द में शनिवार 31 मई 2025 को लिंक की जाएगी .... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ... धन्यवाद!

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  2. अहं से मुक्त होकर किया गया काम सफल सार्थक होता है ।

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    1. सादर आभार बहन, ब्लॉग पर आने के लिए भी कृतज्ञ हूं

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  3. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों के आनन्द में सोमवार 09 जून 2025 को लिंक की जाएगी .... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ... धन्यवाद!

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