रावी लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
रावी लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

गुरुवार, 4 जनवरी 2018

बसौली

 यह स्थल जम्मू के जसरोटा जिले में रावी नदी के दाहिने ओर बलोर से 19 किमी दूर पर है| यहाँ अब केवल महलों के खण्डहर मात्र बचे हैं| कुलु के राजकुमार भोगपाल ने राणा बिल्लो को हराकर 765 ईस्वी में इस राज्य की नींव डाली| 1630 में बसोली को जम्मू राज्य की राजधानी बनाया गया| यहाँ के राजा संग्रामपाल की दाराशिकोह से मित्रता थी| यहाँ मिले ‘रासमंजरी’ चित्र को देवीदास ने तैयार किया था| बसौली चित्र शैली अधिकांशतया मेवाड़ चित्र शैली से मिलती है|




कृपया पोस्ट पर कमेन्ट करके अवश्य प्रोत्साहित करें|

चंबा



हिमाचल प्रदेश की पहाड़ियों में रावी नदी के तट पर चंबा वर्तमान में एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है| इसका नाम चंबा वर्मन वंश की राजकुमारी चम्पा के नाम पर पड़ा| यह नगर मन्दिरों व कलाकौशल के लिए भी प्रसिद्ध है| इसकी स्थापना 920 ईस्वी में साहिल वर्मा ने की थी| उसके द्वारा निर्मित चमेसनी देवी का मन्दिर ऐतिहासिक चौगान के पास आज भी उपलब्ध है| लक्ष्मीदेवी मन्दिर समूह चंबा का प्रसिद्ध देव स्थल है| इस मन्दिर समूह में महाकाली, हनुमान, नंदीगण, विष्णु एवं शिव आदि के मन्दिर हैं| लक्ष्मीनारायण के बैकुण्ठ मूर्ति में कश्मीरी एवं गुप्तकालीन तक्षण कला के नमूने देखे जा सकते हैं| चंबा में भूरीसिंह नाम का एक संग्रहालय भी है जहाँ पांच हजार से भी अधिक कलाकृतियाँ हैं| 




कृपया पोस्ट पर कमेन्ट करके अवश्य प्रोत्साहित करें|

शुक्रवार, 29 दिसंबर 2017

साकल



रावी एवं चिनाब नदियों के मध्य स्थित यह स्थल वर्तमान में पाकिस्तान के सियाल कोट में है| प्राचीन काल में यह मद्र देश की राजधानी रहा है| यूनानी शासक मिनान्डर की भी यह राजधानी रहा| गुप्तोत्तर काल में हूणों ने इसे अपनी राजधानी बनाया| यहाँ बौद्ध धर्म के अनेक अवशेष मिलते हैं| यह व्यापारिक केंद्र रूप में भी प्रसिद्ध रहा| 


कृपया पोस्ट पर कमेन्ट करके अवश्य प्रोत्साहित करें|

हमारीवाणी

www.hamarivani.com
www.blogvarta.com