इस मन को बहला लेते हैं।
धूप नहीं आई है छत पर,
थोड़ी आग जला लेते हैं।
कहाँ अकेले जाकर घूमूँ,
सोचा तुम्हें बुला लेते हैं।
बहुत पुराना याराना है,
जब तब इसे निभा लेते हैं।
ज्यादातर पैदल चलकर हम,
पर्यावरण बचा लेते हैं।
सेहत है व्यापार हमारा,
जल में दूध मिला लेते हैं।
नाम हमारा छोटा सा है,
तुझसे जोड़ बढ़ा लेते हैं।
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