तन बेचारा लोमड़ी, लेकिन मन लँगूर।
डाल अगर किञ्चित् झुके, खा पाऊँ अँगूर।।1।।
एक साथ में दे गयी, मजे सुन्दरी तीन|
सुबह सलोनी धूप सँग, चाय और नमकीन।।2।।
डाल अगर किञ्चित् झुके, खा पाऊँ अँगूर।।1।।
एक साथ में दे गयी, मजे सुन्दरी तीन|
सुबह सलोनी धूप सँग, चाय और नमकीन।।2।।