कुछ दिन चाँद रहेगा प्यारे, कवियों की कविताओं में।
एक राष्ट्रनायक का चमचम, कुंजों और लताओं में।
हार-जीत के चर्चे होंगे, टीवी या अखबारों में।
चाहें खुशियाँ चाहें गम हों, रौनक होगी बारों में।
अपने-अपने ढंग से सारे, लगे हुए हैं वाचन में,
लेकिन तय है अपना जलवा, कायम रहा सितारों में।
शंका हो क्या आर्यभट्ट वाराहमिहिर श्रीधर में,
आओ चलकर पूँछे हमसब, चौबिस अवतारों में।
कृपया पोस्ट पर कमेन्ट करके अवश्य प्रोत्साहित करें|
एक राष्ट्रनायक का चमचम, कुंजों और लताओं में।
हार-जीत के चर्चे होंगे, टीवी या अखबारों में।
चाहें खुशियाँ चाहें गम हों, रौनक होगी बारों में।
अपने-अपने ढंग से सारे, लगे हुए हैं वाचन में,
लेकिन तय है अपना जलवा, कायम रहा सितारों में।
शंका हो क्या आर्यभट्ट वाराहमिहिर श्रीधर में,
आओ चलकर पूँछे हमसब, चौबिस अवतारों में।
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