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सोमवार, 14 अक्टूबर 2013

उजाले ने कहा

सिर कलम कर दूँगा अँधेरे का,
जब कहो मैंने कहा।
नहीं ऐसा गजब करना जरा ठहरो,
उजाले ने कहा।
अँधेरा ही सहारा है कि हमको,
पूंछते हैं लोग।

बुधवार, 3 जुलाई 2013

छवि माध्वी

अम्बर से उतरी रजनी तू,
घूंघट घन तो चेहरा चाँद।
प्रेयसि तनिक उजाला कर दे।
रूप राशि दर्शन का वर दे।
छवि माध्वी मन पीने वाला।
छिपा न अपने तन का प्याला।

हमारीवाणी

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