सवाल लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
सवाल लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

मंगलवार, 15 जनवरी 2019

टुकड़ा तेरी थाल का


मैं भी बहुत बड़ा कारण हूँ इस जग के जंजाल का,
लाठी लेकर घूम रहा हूँ काम नहीं है बाल का।
बहुत जटिल नक्शे देखे हैं, बहुत बड़ी तामिरें कीं,
सबके पीछे झांक के देखा मसला रोटी दाल का।
अपने अपने हाल की खातिर, हाल तुम्हारा पूछ रहे।
कोई पुरसाहाल नहीं है वरना तेरे हाल का।
किसी विषय का पक्ष करें या फिर विपक्ष में खड़े रहें,
उनका लक्ष्य सिर्फ इतना है टुकड़ा तेरी थाल का।
साँप के जैसे पलटी खाना अब तो सबकी आदत है,
किसका किसका नाम लिखोगे हल ही नहीं सवाल का।
 



कृपया पोस्ट पर कमेन्ट करके अवश्य प्रोत्साहित करें|

सोमवार, 16 जनवरी 2017

बकरा ख्याल करता है

पुरकश वबाल करता है।

आइना सवाल करता है।।

अच्छे दिन आ जाने का।

बकरा ख्याल करता है।।

साइकिल चढ़ कि हाथी चढ़।

क्योंकर मलाल करता है।।

सबके हाथों छूरे हैं।

हर इक हलाल करता है।।

कीचड़ में कि पानी में।

कमल ही कमाल करता है।।

वक्त कम है प्रभु शरण ले।

सबकुछ त्रिकाल करता है।।

हमारीवाणी

www.hamarivani.com
www.blogvarta.com