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गुरुवार, 4 जनवरी 2018

गढ़वा

यह स्थल उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद जिले की करछना तहसील में है| यहाँ से गुप्तकाल के 4 स्वतंत्र अभिलेख प्राप्त हुए हैं| 1 चन्द्रगुप्त द्वितीय, 2 कुमारगुप्त प्रथम तथा 1 स्कन्दगुप्त के समय का है| स्कन्दगुप्त के समय के अभिलेख में अनन्त स्वामिन की मूर्ति की स्थापना की चर्चा है इससे यह पता चलता है की यहाँ वैष्णव मत उपस्थित था| यहाँ की कला में गुप्तकालीन सुकुमारता तथा भरहुत की कला के भारीपन का समन्वय देखा जा सकता है|




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शुक्रवार, 29 दिसंबर 2017

अहिच्छत्र



महाभारतकाल में उत्तर पांचाल की राजधानी रहे इस नगर के अवशेष बरेली-उत्तर प्रदेश के रामनगर गाँव में प्राप्त हुए| समुद्रगुप्त की प्रयाग-प्रशस्ति में वर्णित ‘अच्युत’ नाम के राजा की मुद्राएँ  यहाँ से प्राप्त हुई हैं| यह आज भी जैनों का एक महत्वपूर्ण स्थल है, यहाँ के खण्डहरों से चक्की के पाट के आकार का स्तूप मिला है| इसे ‘पिसनहारी का छत्र’ या ‘ढूह का स्तूप’ कहते हैं| 





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