11/03/2019
वोट है तलवार इस पर धार धर लो।
और अपने आप पर उपकार कर लो।।
देश उन्नायक चयन का समय है ये।
जोकरों खलनायकों का मान हर लो।।
तुम मदारी हो जमूरे सामने हैं।
एक निर्णय पंचसाला खेल कर लो।।
लोकतंत्री नाव की पतवार कर में।
ले चलो तट या कि फिर मझधार मर लो।।
जब बटन पर उँगलियाँ हों तो ठहरकर।
दस शतक की दासता को याद कर लो।।
देश का आँचल जो श्यामल हो गया है।
अब समय घर, वसन, तन, मन 'विमल’ कर लो।।
कृपया पोस्ट पर कमेन्ट करके अवश्य प्रोत्साहित करें|
वोट है तलवार इस पर धार धर लो।
और अपने आप पर उपकार कर लो।।
देश उन्नायक चयन का समय है ये।
जोकरों खलनायकों का मान हर लो।।
तुम मदारी हो जमूरे सामने हैं।
एक निर्णय पंचसाला खेल कर लो।।
लोकतंत्री नाव की पतवार कर में।
ले चलो तट या कि फिर मझधार मर लो।।
जब बटन पर उँगलियाँ हों तो ठहरकर।
दस शतक की दासता को याद कर लो।।
देश का आँचल जो श्यामल हो गया है।
अब समय घर, वसन, तन, मन 'विमल’ कर लो।।
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