वो एक होकर भी अनेक लगती है,
ऐश्वर्या है मगर अभिषेक लगती है।
ये दौर-ए-इक्कीसवीं सदी है प्यारे,
कामकाजी पत्नी तो चैक लगती है।
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बुधवार, 16 अक्टूबर 2019
कामकाजी पत्नी
शुक्रवार, 20 सितंबर 2019
पक्का झूठ
देख लेंगे हम भी जालिम का सितम।
किन्तु पक्का झूठ तो बोला न जायेगा।
मानता हूँ फूस दामन में लिए हूँ मैं,
किन्तु क्या बाजार में तोला न जायेगा।।
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किन्तु पक्का झूठ तो बोला न जायेगा।
मानता हूँ फूस दामन में लिए हूँ मैं,
किन्तु क्या बाजार में तोला न जायेगा।।
दे दिया खाली लिफाफा ही मुझे,
सामने सबके इसे खोला न जायेगा|
खूब की बेइज्जती इन मॉल वालों ने,
कह दिया के मॉल में झोला न जायेगा|
विमल 9198907871
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रविवार, 8 सितंबर 2019
खिड़की पर
अब भी कोई बहाना कर ले।
घर में आना-जाना कर ले।
खिड़की पर वो आ जायेगी,
खुद को कुछ दीवाना कर ले।।
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घर में आना-जाना कर ले।
खिड़की पर वो आ जायेगी,
खुद को कुछ दीवाना कर ले।।
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चाँद रहेगा
कुछ दिन चाँद रहेगा प्यारे, कवियों की कविताओं में।
एक राष्ट्रनायक का चमचम, कुंजों और लताओं में।
हार-जीत के चर्चे होंगे, टीवी या अखबारों में।
चाहें खुशियाँ चाहें गम हों, रौनक होगी बारों में।
अपने-अपने ढंग से सारे, लगे हुए हैं वाचन में,
लेकिन तय है अपना जलवा, कायम रहा सितारों में।
शंका हो क्या आर्यभट्ट वाराहमिहिर श्रीधर में,
आओ चलकर पूँछे हमसब, चौबिस अवतारों में।
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एक राष्ट्रनायक का चमचम, कुंजों और लताओं में।
हार-जीत के चर्चे होंगे, टीवी या अखबारों में।
चाहें खुशियाँ चाहें गम हों, रौनक होगी बारों में।
अपने-अपने ढंग से सारे, लगे हुए हैं वाचन में,
लेकिन तय है अपना जलवा, कायम रहा सितारों में।
शंका हो क्या आर्यभट्ट वाराहमिहिर श्रीधर में,
आओ चलकर पूँछे हमसब, चौबिस अवतारों में।
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