सोमवार, 8 जनवरी 2018

काँगड़ा



यह स्थल हिमाचल प्रदेश में स्थित है| इसका प्राचीन  नाम त्रिगर्त है| इस पर 1909 में महमूद गजनवी ने आक्रमण किया और उसे अपने अधिकार में लिया| 1360 में यहाँ का शासक रामचन्द्र था जिसने फिरोजशाह तुगलक के सामने आत्मसमर्पण कर दिया| फिरोजशाह तुगलक ने यहाँ के ज्वालामुखी मन्दिर की मूर्तियों को तोड़ दिया और मुख्य मूर्ति को विजय चिन्ह के रूप में मदीना भेज दिया| 1620 में जहांगीर के शासनकाल में शहजादा खुर्रम के नेतृत्व में राजा विक्रमजीत ने इस किले पर घेरा डाला और काँगड़ा मुगल सल्तनत का हिस्सा बना|
 






कृपया पोस्ट पर कमेन्ट करके अवश्य प्रोत्साहित करें|

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें











हमारीवाणी

www.hamarivani.com